mudra
शून्य मुद्रा
शून्य मुद्रा प्रातः स्नान आदि के बाद आसन बिछा कर हो सके तो पद्मासन में अथवा सुखासन में बैठें। पाँच-दस गहरे साँस लें और धीरे-धीरे छोड़ें। उसके बाद शांतचित्त होकर निम्न मुद्राओं को दोनों हाथों से करें। विशेष परिस्थिति में Read more…
शून्य मुद्रा प्रातः स्नान आदि के बाद आसन बिछा कर हो सके तो पद्मासन में अथवा सुखासन में बैठें। पाँच-दस गहरे साँस लें और धीरे-धीरे छोड़ें। उसके बाद शांतचित्त होकर निम्न मुद्राओं को दोनों हाथों से करें। विशेष परिस्थिति में Read more…
लिंग मुद्रा प्रातः स्नान आदि के बाद आसन बिछा कर हो सके तो पद्मासन में अथवा सुखासन में बैठें। पाँच-दस गहरे साँस लें और धीरे-धीरे छोड़ें। उसके बाद शांतचित्त होकर निम्न मुद्राओं को दोनों हाथों से करें। विशेष परिस्थिति में Read more…
योगासन क्या है ? योगासन विभिन्न शारीरिक क्रियाओं और मुद्राओं के माध्यम से तन को स्वस्थ, मन को प्रसन्न एवं सुषुप्त शक्तियों को जागृत करने हेतु हमारे पूज्य ऋषि-मुनियों द्वारा खोजी गयी एक दिव्य प्रणाली है । मनुष्य में असीम Read more…
सूक्ष्म/यौगिक क्रियाएँ 1. कूदनाः इसमें दोनों हाथ ऊपर करके पंजों के बल कूदना है । लाभः मन प्रफुल्लित रहता है । शरीर स्वस्थ रहता है । शरीर में प्राण वहन करने वाली बारीक नलिकाओं (नाड़ियों) की संख्या 72000 बतायी जाती Read more…
पद्मासन क्या आप सदैव प्रसन्न रहना चाहते हैं? अपना मनोबल व आत्मबल बढ़ाना चाहते हैं ? हाँ तो आप नित्य पद्मासन का अभ्यास कीजिये। परिचयः इस आसन में पैरों का आकार पद्म अर्थात कमल जैसा बनने से इसको पद्मासन या Read more…
सर्वांगासन क्या आप अपने नेत्रों और मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाना चाहते हैं? क्या आप अपनी शक्ति को ऊर्ध्वगामी बनाना चाहते हैं ? हाँ तो आप नित्य सर्वांगासन का अभ्यास कीजिये। परिचयः इस आसन में समग्र शरीर को ऊपर उठाया जाता Read more…
हलासन क्या आप अपने शरीर को फुर्तीला बनाना चाहते हैं ? हाँ तो आप नित्य हलासन का अभ्यास कीजिए । परिचयः इस आसन में शरीर का आकार हल जैसा बन जाता है, इसलिए इसे हलासन कहते हैं। यह आसन करते Read more…
हलासन क्या आप अपने शरीर को फुर्तीला बनाना चाहते हैं ? हाँ तो आप नित्य हलासन का अभ्यास कीजिए। परिचयः इस आसन में शरीर का आकार हल जैसा बन जाता है, इसलिए इसे हलासन कहते हैं। यह आसन करते समय Read more…
शशांकासन क्या आप अपने जिद्दी और क्रोधी स्वभाव पर नियंत्रण पाना चाहते हैं ? अपनी निर्णयशक्ति बढ़ाना चाहते हैं? आज्ञाचक्र का विकास कर आप हर क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं ? हाँ तो आप नित्य शशकासन का अभ्यास कीजिये। Read more…
पादपश्चिमोतानासन क्या आप अपनी लम्बाई बढ़ाना चाहते हैं? विकारी, क्रोधी स्वभाव पर नियंत्रण पाकर संयमी, धैर्यवान और साहसी बनना चाहते हैं? हाँ तो आप नित्य पादपश्चिमोत्तानासन का अभ्यास कीजिये। परिचयः यह आसन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। भगवान शिव Read more…