ब्रह्मचर्य, संयम है बड़ा निराला

ब्रह्मचर्य, संयम है बड़ा निराला ब्रह्मचर्य संयम बड़ा निराला, सद्गुण सद्भाव बढ़ानेवाला, न भय, कमजोरी मन में, यौवन-धन का है रखवाला । संयम से होता मन निश्चल, बढ़े ओज-तेज, बुद्धि-मनोबल, स्वस्थ, शांत चित्त, तन मन निर्मल, जीवन बगिया मेहकानेवाला ।। Read more…

कर्ज निवारक कुंजी

कर्ज-निवारक कुंजी ‘श्री’ माने सौंदर्य, ‘श्री’ माने लक्ष्मी, ‘श्री’ माने ऐश्वर्य, ‘श्री’ माने सफलता । ईश्वर के रास्ते चलने पर किसीके जीवन में विघ्न–बाधाएं हो तो ‘श्रीं ॐ स्वाहा ।’ इस मंत्र की एक माला रोज करने से विघ्न–बाधाएं नष्ट Read more…

स्वाति के मोती

स्वाति के मोती कलियुग से बचने के लिए हरेक भाई-बहन को नल-दमयंती की कथा पढ़नी चाहिए । नल-दमयंती की कथा पढ़ने से कलियुग का असर नहीं होगा, बुद्धि शुद्ध होगी । गाय की सेवा करने से सब कामनाएँ सिद्ध होती Read more…

कपूर एक, लाभ अनेक

धनात्मक ऊर्जा का भंडार : कपूर (कृत्रिम नहीं, प्राकृतिक रूम फ्रेशनर !) आप जहाँ रहते हैं वहाँ थोड़ा–सा कपूर छिड़क दें अथवा उसे दिये या बर्तन में जला दिया करें । कपूर–दहन में बाहृय वातावरण को शुद्ध करने की अद्भुत Read more…

शास्त्रीय प्रयोग

कुछ शास्त्रीय प्रयोग हल्दी और चावल पीसकर उसके घोल से घर के प्रवेशद्वार के बगल में दीवाल पर ‘ॐ’ अथवा स्वस्तिक बना दें । यह घर को बाधाओं से सुरक्षित रखने में मदद करता है । केवल हल्दी के घोल Read more…

रसप्रद, आनंददायक पाठ

रसप्रद, आनंददायक पाठ            प्रतिदिन भोजन से पहले ‘श्री आशारामायणजी की कहीं से भी शुरुआत करके कुछ पंक्तियाँ बोली जायें और बीच-बीच में कभी ‘नमः पार्वतिपतये हर हर महादेव, कृष्ण-कन्हैया लाल की जय, रणछोड़राय की जय !’ का उदघोष करें Read more…

जब सास बन गयी माँ

जब सास बन गयी माँ एक बुढ़िया का स्वभाव था कि जब तक वह किसी से लड़ न लेती, उसे भोजन नहीं पचता था । बहू घर में आयी तो बुढ़िया ने सोचा, ʹअब घर में ही लड़ लो, बाहर किसलिए Read more…

ससुराल की रीति

ससुराल की रीति एक लड़की विवाह करके ससुराल आयी । ससुराल में उसकी दादी सास भी थी । लड़की ने देखा कि दादी सास का बड़ा अपमान-तिरस्कार हो रहा है । सास उनको ठोकरें मारती है, अपशब्द सुनाती रहती है, Read more…

परलोक के भोजन का स्वाद

परलोक के भोजन का स्वाद एक सेठ ने अन्नक्षेत्र खोल रखा था । उनमें दान की भावना तो कम थी पर समाज उन्हें दानवीर समझकर उनकी प्रशंसा करे यह भावना मुख्य थी । उनके प्रशंसक भी कम नहीं थे । Read more…