वीरांगना सुंदरबाई

वीरांगना सुन्दरबाई आर्यनारियों ने समय-समय पर अपनी वीरता और साहस की कड़ी परीक्षा देकर अपने सतीत्व और स्वाभिमान को सुरक्षित रखा हैं । कायरता मनुष्य की सबसे बड़ी अयोग्यता है । वीरता उसका सबसे बड़ा बल है । क्षत्राणियों की Read more…

वीरांगना झलकारीबाई

वीरांगना झलकारी बाई पुराने जमाने में प्रारम्भ से ही बालक-बालिकाओं में निर्भयता एवं शूरता-वीरता के संस्कार डाले जाते थे लेकिन आज वैसा नहीं है। आज के माता-पिता,दादा-दादी और शिक्षकगण सभी को बच्चों में वीरता और पराक्रम के संस्कार भरने चाहिए Read more…

वीरांगना रानी जैतकुंवरी

वीरांगना रानी जैत कुँवरि जैतपुर, जि.महोबा (उ.प्र) के गौरवपूर्ण इतिहास में वीरांगना जैत कुँवरि की कीर्ति आज भी उज्जवल है। जैत कुँवरि बचपन में ही युद्धकला में निपुण हो गयी थी। एक दिन जब वह अपनी व्यूह-रचना से सहेलियों के Read more…

वीरांगना रानी दुर्गावती

वीरांगना रानी दुर्गावती जब हमें उन राजरानियों की याद आती है जिनकी पोशाक खून से भीगी हैं, जिनके दाहिने हाथ में तलवार शत्रुओं का खून पीने के लिए लपलपा रही है, जो घोड़े पर सवार होकर रण में दानव दलिनी Read more…

वीरांगना हाड़ी रानी

वीरांगना हाडी रानी चितौड़ के सिंहासन पर राणा राजसिंह आसीन थे । बादशाह औरगंजेब ने रूपनगढ़ की राजकन्या से विवाह करना चाहा । राजकुमारी रूपवती चितौड़ के राणा के पास पत्र भेजा कि ‘क्या राजसिंह सिसोदिया कुलभूषण के जीते जी Read more…

संयमी सोनबा

संयमी सोनबा धृति अर्थात् धैर्य के तीन प्रकार हैं – तामसी धृति, राजसी धृति और सात्त्विक धृति । जो पापी, अपराधी, चोर, डकैत होते हैं वे भी धैर्य रख के अपने कर्म को अंजाम देने में सफल हो जाते हैं, Read more…

झांसी की रानी

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई भारतीय नारी ने समग्र विश्व में अपनी एक विशेष पहचान बनायी है । अपने श्रेष्ठ चरित्र, वीरता तथा बुद्धिमत्ता के बल पर उसने मात्र भारत ही नहीं अपितु समस्त नारी जाति को गौरवान्वित किया है । Read more…