Beauty tips
होंठों की देखभाल
होंठों की देखभाल होंठो का गुलाबीपन बचाये रखने और कालापन दूर करने के लिए इन बातों पर ध्यान रखना ज़रूरी होता है- मलाई में नींबूव शक्कर मिलाएं और इसको स्क्रब के तौर पर इस्तेमाल करें । होंठ धीरे-धीरे गुलाबी होने Read more…
होंठों की देखभाल होंठो का गुलाबीपन बचाये रखने और कालापन दूर करने के लिए इन बातों पर ध्यान रखना ज़रूरी होता है- मलाई में नींबूव शक्कर मिलाएं और इसको स्क्रब के तौर पर इस्तेमाल करें । होंठ धीरे-धीरे गुलाबी होने Read more…
दाँतों की देखभाल रात को नींबू के रस में दातुन के अगले हिस्से को डुबों दें ।सुबह उस दातुन से दांत साफ करें तो मैले दांत भी चमक जायेंगे । सप्ताह-पन्द्रह दिन में एक बार रात को सरसों का तेल Read more…
एड़ियों की देखभाल बिवाई होने पर प्रथम प्रयोगः चमेली के पत्तों के 400 मि.ली. रस को 100 ग्राम घी में मिलाकर गर्म करें। जब रस जल जाये तब उस घी को लगाने से बिवाई मिटती है। दूसरा प्रयोगः ऐड़ी पर Read more…
मुख्य द्वार हेतु सामान्य नियम किसी भी भवन, परिसर (Campus), भूखण्ड अथवा कमरे में प्रवेश द्वार निम्न चित्र में दर्शायी गयी मंगलकारी स्थिति से ही करना चाहिए। साथ ही जहाँ तक संभव हो, प्रवेश द्वारा चौड़ाई वाली दीवार से बनायें Read more…
वास्तु सम्बंधित सामान्य प्रश्न व निराकरण प्रश्नः मकान में रहने वालों के स्वास्थ्य पर वास्तु कैसे प्रभाव डालती है ?उत्तरः वास्तु के अनुरूप बने मकान में सभी रहने वाले स्वस्थ होंगे । अन्यथा वह एक या अन्य स्वास्थ्य की परेशानी Read more…
आयु अनुसार विशेष आहार शरीर को स्वस्थ व मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन्स, विटामिन्स व खनिज (Minerals) युक्त पोषक पदार्थों की आवश्यकता जीवनभर होती है। विभिन्न आयुवर्गों हेतु विभिन्न पोषक तत्त्व जरूरी होते हैं, किस उम्र में कौन-सा तत्त्व सर्वाधिक Read more…
एक्यूप्रेशर बिन्दु सूर्य बिन्दुःसूर्यबिन्दु छाती के परदे (डायाफ्राम) के नीचे आये हुए समस्त अवयवों का संचालन करता है। नाभि खिसक जाने पर अथवा डायाफ्राम के नीचे के किसी भी अवयव के ठीक से कार्य न करने पर सूर्यबिन्दु पर दबाव Read more…
बीजमंत्रों के द्वारा स्वास्थ्य-सुरक्षा भारतीय संस्कृति ने आध्यात्मिक विकास के साथ शारीरिक स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया है । हर रोग के मूल में पाँच तत्व यानी पृथ्वी, जल, तेज, वायु और आकाश की ही विकृति होती है । Read more…
मंत्र मंजूषा दु:स्वप्ननाशक मंत्र :- ‘श्रीविष्णुसहस्त्रनाम, गजेन्द्रमोक्ष, दुर्गा सप्तशती’ आदि का पाठ दु: स्वप्ननाशक होता है । ॐ ह्रीं श्रीं क्लिं दुर्गतिनाशिन्यै महामायायै स्वाहा । इस मंत्र को पवित्र होकर १० बार जपने से दु: स्वप्न सुखप्रद हो जाता Read more…
नीतिज्ञान भगवान ब्रह्माजी के तीसरे मानसपुत्र भृगु के पुत्र महर्षि शुक्राचार्य ने नीतियों में श्रेष्ठ नीतिशास्त्र को कहा, जिसे भगवान ब्रह्मा ने लोकहितार्थ पूर्व में ही शुक्राचार्य से कहा था। इस’शुक्रनीति’ के वचन प्रत्येक जटिल परिस्थिति में सुपथ दिखाने वाले, समाज Read more…