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जप महिमा भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है, यज्ञानाम् जपयज्ञो अस्मि । यज्ञों में जपयज्ञ मैं हूँ । श्री राम चरित मानस में भी आता हैः कलियुग केवल नाम आधारा, जपत नर उतरे सिंधु पारा । इस कलयुग में भगवान का Read more…

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तेजस्वी जीवन की कुंजीः त्रिकाल-संध्या त्रिकाल संध्या अर्थात् क्या – प्रातः सूर्योदय के 10 मिनट पहले से 10 मिनट बाद तक, दोपहर के 12 बजे से 10 मिनट पहले से 10 मिनट बाद तक एवं शाम को सूर्यास्त के 10 Read more…