चैत्र नूतन वर्ष

चैत्र नूतन वर्ष मंगलमय हो भारतीयों के लिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन अत्यंत शुभ होता है। इस दिन भगवान ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना हुई तथा युगों में प्रथम सतयुग का प्रारम्भ हुआ।         मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम Read more…

सर्व सद्गुण सागर श्रीराम जी

सर्व सद्गुण सागर श्रीराम जी श्रीरामचन्द्र जी परम ज्ञान में नित्य रमण करते थे। ऐसा ज्ञान जिनको उपलब्ध हो जाता है, वे आदर्श पुरुष हो जाते हैं। मित्र हो तो श्रीराम जैसा हो। उन्होंने सुग्रीव से मैत्री की और उसे Read more…

अनन्य निष्ठा का संदेश देते हनुमानजी

अनन्य निष्ठा का संदेश देते हैं हनुमानजी स्वयं प्रभु श्रीराम जिनके ऋणि बन गये, जिनके प्रेम के वशीभूत हो गये और सीताजी भी जिनसे उऋण न हो सकीं, उन अंजनिपुत्र हनुमानजी की रामभक्ति का वर्णन नहीं किया जा सकता। लंकादाह Read more…

अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल तृतीया की महिमा मत्स्य, स्कंद, भविष्य, नारद पुराणों व महाभारत आदि ग्रंथों में है । इस दिन किये गये पुण्यकर्म अक्षय (जिसका क्षय न हो) व अनंत फलदायी होते हैं, अतः इसे ʹअक्षय तृतियाʹ कहते हैं Read more…

वटसावित्री-व्रत

अखण्ड सौभाग्य एवं कल्याणप्रदायकः वटसावित्री व्रत   वटवृक्ष की महत्ता   वृक्षों में भी भगवदीय चेतना का वास है, ऐसा दिव्य ज्ञान वृक्षोपासना का आधार है । इस उपासना ने स्वास्थ्य, प्रसन्नता, सुख-समृद्धि, आध्यात्मिक उन्नति एवं पर्यावरण संरक्षण में बहुत Read more…

सदगुरु के प्रति कृतज्ञता प्रकटाने का पर्वः गुरुपूर्णिमा

सदगुरु के प्रति कृतज्ञता प्रकटाने का पर्वः गुरुपूर्णिमा   व्यासपूर्णिमा का इतिहास एवं उद्देश्य           महाभारत, ब्रह्मसूत्र, श्रीमद्भागवत आदि के रचयिता महापुरुष वेदव्यासजी के ज्ञान का मनुष्यमात्र लाभ ले, इसलिए व्यासपूनम, गुरुपूनम को, आषाढ़ी पूनम को Read more…

चतुर्मास

आध्यात्मिक खजाना भरने का सुवर्णकालः चतुर्मास चतुर्मास काल देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होकर देवउठी (प्रबोधिनी) एकादशी तक माना जाता है ।  चतुर्मास में किया हुआ व्रत, जप, संयम, दान, स्नान बहुत अधिक फल देता है । इन दिनों में स्त्री Read more…

रक्षाबंधन

पतले-से धागे से श्रद्धा-संकल्प का पवित्र बंधन श्रावण मास की पूनम को नारियली पूनम के नाम से जाना जाता है । इसी दिन भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बाँधकर रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाया जाता है । राखी का धागा Read more…

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मानो न मानो यह हकीकत है….   बुधवार का दिन, रोहिणी नक्षत्र…. परात्पर परब्रह्म सगुण साकार रूप में आये। भगवान श्री कृष्ण के जन्म को 5200 से अधिक वर्ष बीत गये लेकिन अब भी जन्माष्टमी हर वर्ष नित्य Read more…

हरतालिका तीज व्रत

हरतालिका तीज व्रत भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को हस्त नक्षत्र होता है । इस दिन भगवान शिव जी और माता पार्वती की पूजा की जाती है । इस व्रत को कुमारी तथा सौभाग्यवती स्त्रियाँ ही करती है । इस व्रत Read more…