संस्कृत अति प्रवीन व समृद्ध भाषा है । इस पर हो रहे शोधों से इसकी महानता व आवश्यकता विश्व के सामने प्रकट हो रही है । अमेरिका के न्यूरो साइंटिस्ट डॉ. जेम्स हार्टजेल ने संस्कृत पर गहन शोध किया है । अपनी ‘द संस्कृत इफेक्ट’ नाम की रिपोर्ट में वे लिखते हैं कि ‘भारतीय मान्यता अनुसार वैदिक मंत्रों का लगातार उच्चारण करने और उन्हें याद करने का प्रयास करने से स्मरणशक्ति और सोचने की क्षमता बढ़ती है ।’
अपने शोध में उन्होंने पाया कि संस्कृत में प्रशिक्षित छात्रों की क्षमता लम्बे समय तक कायम रहनेवाली थीं । अतः देवभाषा संस्कृत को साधारण न समझें, इसके फायदे लें व दूसरों को प्रोत्साहित करें । जैसे- ‘सुप्रभात, मंगल प्रभात, शुभ प्रभात, ॐ आनंद, मंगल…’ आदि–आदि ‘गुड मार्निंग’ से ज्यादा सुहावने शब्द हैं ।