ऊँगलियों के सिरों पर तथा नाक के नीचे तथा होंठ के ऊपर मध्य बिन्दु पर जोर से दबाव दें और चंद्रभेदी प्राणायाम करें ।
प्रातः पद्मासन अथवा सुखासन में बैठकर दायें नथुने को बंद करें और बायें नथुने से धीरे- धीरे अधिक-से-अधिक गहरा श्वास भरें । श्वास लेते समय आवाज न हो इसका ख्याल रखें ।अब अपनी क्षमता के अनुसार श्वास भीतर ही रोक रखें । जब श्वास न रोक सकें तब दायें नथुने से धीरे- धीरे बाहर छोड़ें । झटके से न छोड़ें ।इस प्रकार 3 से ५ प्राणायाम करें ।
कफ प्रकृतिवालों व निम्न रक्तचापवालों के लिए यह प्राणायाम निषिद्ध है । अतः वे केवल उपरोक्त बिंदुओं पर दबाव दें ।
नोट – एक्युप्रेशर की विस्तृत जानकारी हेतु पढ़ें आश्रम की ‘आरोग्यनिधि पुस्तक’ (भाग-1) ।