एक कटोरी दूध में निहारते हुए इस मंत्र का इक्कीस बार जप करें । तदपश्चात उस दूध को पी लें, ब्रह्मचर्य रक्षा में सहायता मिलती है । यह मंत्र सदैव मन में धारण करने योग्य है :