‘अन्नं हि भूतानां ज्येष्ठम्-तस्मात् सर्वौषधमुच्यते ।’ अर्थात् भोजन ही प्राणियों की सर्वश्रेष्ठ औषधि है, क्योंकि आहार से ही शरीरस्थ सप्तधातु, त्रिदोष तथा मलों की उत्पत्ति होती है ।
नोट – विशेष जानकारी हेतु पढ़ें, आश्रम की ‘आरोग्यनिधि पुस्तक’ (भाग – 1,2) ।