शरीर के किसी भी अंग की पीड़ा में चमत्कारिक, पीड़ानिवारक, स्वास्थ्य एवं सौंदर्यवर्धक स्पर्श चिकित्सा –

मंत्र इस प्रकार हैः
अयं में हस्तो भगवा, नयं में भगवत्तरः।
अयं में विश्वभेषजो यं शिवाभिमर्शन।।
अर्थात् मेरी प्रत्येक हथेली भगवान (ऐश्वर्यशाली) है, अच्छा असर करने वाली है। मेरे हाथ में विश्व के सभी रोगों की समस्त औषधियाँ हैं और मेरे हाथ का स्पर्श कल्याणकारी, सर्वरोगनिवारक और सर्वसौन्दर्य-सम्पादक है।
मानसिक पवित्रता और एकाग्रता के साथ मन में निम्नलिखित वेदमंत्र का पाठ करते हुए दोनों हथेलियों को परस्पर रगड़कर गर्म करके उनसे पाँच मिनट तक पीड़ित अंग का बार-बार सेंक कीजिये ।
सेंक करने के पश्चात नेत्र बन्द करके कुछ मिनट तक सो जाइये। इससे गठिया, सिरदर्द तथा अन्य सब प्रकार के दर्द दूर होते हैं।
