Poetries
ब्रह्मचर्य, संयम है बड़ा निराला
ब्रह्मचर्य, संयम है बड़ा निराला ब्रह्मचर्य संयम बड़ा निराला, सद्गुण सद्भाव बढ़ानेवाला, न भय, कमजोरी मन में, यौवन-धन का है रखवाला । संयम से होता मन निश्चल, बढ़े ओज-तेज, बुद्धि-मनोबल, स्वस्थ, शांत चित्त, तन मन निर्मल, जीवन बगिया मेहकानेवाला ।। सदाचार सुमति से बढ़े योग्यता, संकल्प अचल हो मिले सफलत, Read more…









