यौवन, धन और स्वास्थ्य का सदुपयोग

यौवन, धन और स्वास्थ्य का सदुपयोग यौवनं धनसम्पत्तिः प्रभुत्वमविवेकिता । एकैकमप्यनर्थाय किम् यत्र चतुष्टकम् ।। अर्थ : यौवन, धन-सम्पत्ति, सत्ता और अविचार इनमें से एक भी अनर्थ का कारण हो सकता है, फिर जहाँ ये चारों हों वहाँ क्या होगा ? अर्थ-अनर्थकारी तीन वस्तुएँ धन, यौवन और सत्ता – ये Read more…

महानता के 8 दिव्य सूत्र

महानता के 8 दिव्य सूत्र जीवन को महान बनाने के 8 दिव्य सूत्र जीवन में आने चाहिएः शांत स्वभाव – शांत रहना सीखो मेरे बच्चे-बच्चियो ! ‘ॐऽऽऽऽ….’ उच्चारण किया और जितनी देर उच्चारण किया उतनी देर शांत हो गये । ऐसा 10 से 15 मिनट तक ध्यान करो । फिर देखो Read more…

महान बनने की मधुमय युक्ति

महान बनने की मधुमय युक्ति सुबह जब नींद खुले तो संकल्प करें कि आज का दिन तो आनंद में जायेगा । मुझे आत्मविद्या पानी है, योगविद्या सीखनी है । खुद का नाम लेना है । समझ लो मेरा नाम मोहन है । सवेरे उठकर खुद को कहना : ‘मोहन !’ Read more…

आत्मनिर्भर बनें

आत्मनिर्भर बनें हाथी शेर अपेक्षा अधिक बलवान है । उसका शरीर बड़ा और भारी है फिर भी अकेला शेर दर्जनों हाथियों को मारने-भगाने में समर्थ होता है । शेर की ताकत का रहस्य क्या है ? हाथी अपने शरीर पर भरोसा करता है, जबकि शेर अपनी शक्ति (प्राणबल) पर भरोसा Read more…

लापरवाही नहीं तत्परता !

लापरवाही नहीं तत्परता ! साधक के जीवन में, मनुष्यमात्र के जीवन में अपने लक्ष्य की स्मृति और तत्परता होनी ही चाहिए । संयम और तत्परता सफलता की कुंजी है, लापरवाही और संयम का अनादर विनाश का कारण है । जिस काम को करें, उसे ईश्वर का कार्य मानकर साधना का Read more…

यह दिमाग दूध से बना है

यह दिमाग दूध से बना है, अंडे से नहीं आजादी से पूर्व की बात है । एक बार काँग्रेस कार्यकारिणी की एक बैठक में जिस रिपोर्ट के आधार पर एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करना था वह नहीं मिल रही थी । सब चिंतित थे । सदस्यों को अचानक ध्यान आया Read more…

जवानी खो गयी

जवानी खो गयी विदेशी चैनलों तथा पाश्चात्य संस्कृति द्वारा फैल रहे संस्कृतिक प्रदूषण के कारण भारत के बच्चे एवं युवा अपनी संस्कृति से कटते जा रहे हैं । वे अपनी मर्यादा को लाँघकर अपने जीवन को कुसंस्कारों के अंधे कुएँ में धकेल रहे हैं । एक बूढ़ी माता कमर झुकाकर Read more…

कैसे बनें विद्यार्थी मेधावी व महान ?

कैसे बनें विद्यार्थी मेधावी व महान ? ज्ञान की वृद्धि में सहायक आठ बातें विद्या-अध्ययन के समय आठ बातें ज्ञान की वृद्धि में सहायक हैं । पहली बात है, शांत रहना । इसके लिए ओऽऽ…म्ऽऽ… का 10-15 मिनट प्लुत गुंजन करने का अभ्यास करो । शांत रहने से तुम्हारे में Read more…

…तो आपकी योग्यता में चा‌र चांद लग जायेंगे

…तो आपकी योग्यता में चा‌र चांद लग जायेंगे आदरणीय बनना हो तो सुंदर और सरल उपाय है : अपनी योग्यताओं का ठीक से परहित में सदुपयोग करें, चाहे कितनी छोटी सी योग्यता हो । अपनी योग्यता निखारने के लिए भगवान का ध्यान… और जो करें तत्परता से करें , आलस्य Read more…