प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की नींव

प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की नींव मानव-जीवन को उन्नत बनाने के लिए ब्रह्मचर्य की आवश्यकता उसी प्रकार है जिस प्रकार किसी सुदृढ़ भवन का निर्माण करने के लिए गहरी नींव की I जिस मकान की नींव गहरी नहीं होगी वह भविष्य में आँधी-तूफान अथवा भूकम्प का तनिक-सा गहरा झटका लगते Read more…

बालकों की शिक्षा कैसी हो ?

कैसी हो शिक्षा ? – श्री एन. चंद्रशेखर अय्यर, पूर्व न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय जिस प्रणाली से हमारे बालक बढ़ रहे हैं उसमें कोई मूलतः दोष अवश्य है । मेरी दृष्टि से प्रारम्भिक पाठशालाओं में भी कुछ समय अपनी (हिन्दू) संस्कृति एवं अंतरात्मा के अनुकूल नैतिक मान्यताओं या सुक्तियों तथा सदाचरण Read more…

भारत का युवा–वर्ग यह सूत्र अपना लें

भारत का युवा–वर्ग यह सूत्र अपना लें मन को ऐसे ही दृश्य दिखाएँ कि मन भगवन्मय बने । सबमें नेत्रों के द्वारा देखने की, कानों के द्वारा सुनने की, नाक के द्वारा सूंघने की सत्ता उस सच्चिदानंद की है । उस सच्चिदानंद को सबमें देखने का नित्य अभ्यास करें । Read more…

बच्चे-बच्चियों रहें व्यवहार में सावधान

बच्चे-बच्चियाँ रहें व्यवहार में सावधान ! प्रातकाल उठी कै रघुनाथा । मातु पिता गुरु नावहिं माथा ।।                       (श्री रामचरित. बा.का. : २०४.४) बच्चे-बच्चियों को व्यवहार में सावधान रहना चाहिए । अपने घर में अथवा पड़ोस में यदि कोई वृद्ध हो, बीमार हो, विकलांग हो अथवा तो किसी भी प्रकार Read more…

उन्नति चाहो तो विनम्र बनो

उन्नति चाहो तो विनम्र बनो अनेक विद्यालयों के सूचना-पट्ट पर ये शास्त्रवचन लिखे होते हैं – विद्या ददाति विनयम् । विद्या विनयेन शोभते ।। अर्थात् विद्या विनय प्रदान करती है और वह विनय से ही शोभित होती है । वास्तव में प्रत्येक व्यक्ति जीवनरूपी पाठशाला का एक विद्यार्थी ही है Read more…

उद्यमः साहसं धैर्यं……

उद्यमः साहसं धैर्यं….. धैर्यशील व्यक्ति का मस्तिष्क सदा शांत रहता है । उसकी बुद्धि सदा ठिकाने पर रहती है । उद्यम, साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति और पराक्रम इन दैवी गुणों से युक्त व्यक्ति आपदाओं और विफलताओं से भय नहीं खाता । अपने को मजबूत बनाने के लिए वह अनेकों उपाय खोज निकालता Read more…

राष्ट्रभाषाः देश का स्वाभिमान, संस्कृति की पहचान

राष्ट्रभाषाः देश का स्वाभिमान, संस्कृति की पहचान                                                                                                                            Read more…