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जप महिमा भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है, यज्ञानाम् जपयज्ञो अस्मि । यज्ञों में जपयज्ञ मैं हूँ । श्री राम चरित मानस में भी आता हैः कलियुग केवल नाम आधारा, जपत नर उतरे सिंधु पारा । इस कलयुग में भगवान का नाम ही आधार है । जो लोग भगवान के नाम Read more…
