नींबू का शरबत

नींबू का शरबत बाजारू ठंडे पेय पदार्थों से स्वास्थ्य को कितनी हानि पहुँचती है यह तो लोग जानते ही नहीं हैं । दूषित तत्त्वों, गंदे पानी एवं अभक्ष्य पदार्थों के रासायनिक मिश्रण से तैयार किये गये अपवित्र बाजारू ठंडे पेय हमारी तंदरुस्ती एवं पवित्रता का घात करते हैं । इसलिए Read more…

इमली का शरबत

इमली का शरबत बाजारू ठंडे पेय पदार्थों से स्वास्थ्य को कितनी हानि पहुँचती है यह तो लोग जानते ही नहीं हैं । दूषित तत्त्वों, गंदे पानी एवं अभक्ष्य पदार्थों के रासायनिक मिश्रण से तैयार किये गये अपवित्र बाजारू ठंडे पेय हमारी तंदरुस्ती एवं पवित्रता का घात करते हैं । इसलिए Read more…

द्राक्ष का शरबत

द्राक्ष का शरबत बाजारू ठंडे पेय पदार्थों से स्वास्थ्य को कितनी हानि पहुँचती है यह तो लोग जानते ही नहीं हैं । दूषित तत्त्वों, गंदे पानी एवं अभक्ष्य पदार्थों के रासायनिक मिश्रण से तैयार किये गये अपवित्र बाजारू ठंडे पेय हमारी तंदरुस्ती एवं पवित्रता का घात करते हैं । इसलिए Read more…

अनार का शरबत

अनार का शरबत बाजारू ठंडे पेय पदार्थों से स्वास्थ्य को कितनी हानि पहुँचती है यह तो लोग जानते ही नहीं हैं । दूषित तत्त्वों, गंदे पानी एवं अभक्ष्य पदार्थों के रासायनिक मिश्रण से तैयार किये गये अपवित्र बाजारू ठंडे पेय हमारी तंदरुस्ती एवं पवित्रता का घात करते हैं । इसलिए Read more…

गुलाब शरबत

गुलाब शरबत बाजारू ठंडे पेय पदार्थों से स्वास्थ्य को कितनी हानि पहुँचती है यह तो लोग जानते ही नहीं हैं । दूषित तत्त्वों, गंदे पानी एवं अभक्ष्य पदार्थों के रासायनिक मिश्रण से तैयार किये गये अपवित्र बाजारू ठंडे पेय हमारी तंदरुस्ती एवं पवित्रता का घात करते हैं । इसलिए उनका Read more…

स्वास्थ्यवर्धक सोंठ

सोंठ के लाभ  अदरक का छिलका हटाकर उसे १०-१२ दिन धूप में सुखाने से सोंठ बन जाता है । अदरक तीखा, रुखा, उष्ण व तीक्ष्ण होने के कारण कफ तथा वायु का नाश करता है व पित्त को बढ़ाता है । सोंठ अपने उष्ण गुण से कफ- वायु का तो Read more…

शरीर की जैविक घड़ी पर आधारित दिनचर्या

शरीर की जैविक घड़ी पर आधारित दिनचर्या हमारे ऋषियों, आयुर्वेदाचार्य ने जो जल्दी सोने-जागने एवं आहार-विहार की बातें बतायी है, उन पर अध्ययन व खोज करके आधुनिक वैज्ञानिक और चिकित्सक अपनी भाषा में उसका पुरजोर समर्थन कर रहे हैं । मनुष्य के शरीर में करीब ६० हजार अरब से एक Read more…

दंत-सुरक्षा के उपाय

दंतधावन व दंत-सुरक्षा   मौन रहकर नित्य दंतधावन करे। दंतधावन किये बिना देवपूजा व संध्यान करे। (महाभारत, अनुशासन पर्व) बेर की दातुन करने से स्वर मधुर होता है, गूलर से वाणी शुद्ध होती है, नीम से पायरिया आदि रोग नष्ट होते हैं एवं बबूल की दातुन करने से दाँतों का हिलना Read more…

प्रातः-जागरण

बापू जी ने प्रातः-जागरण को साधनामय बनाना सिखाया हमारी दिनचर्या का प्रारम्भ प्रातः ब्राह्ममुहूर्त में जागरण से होता है।  शास्त्रों की आज्ञा हैः ब्राह्मे मुहूर्ते बुध्यते। ‘प्रातःकाल ब्राह्ममुहूर्त में उठना चाहिए।’ ब्राह्ममुहूर्त में उठने की महिमा बताते हुए पूज्य बापू जी कहते हैं-“जो सूर्योदय से पहले (ब्राह्ममुहूर्त में) शय्या त्याग देता Read more…

प्रातःकालीन भ्रमण

प्रातःकालीन भ्रमण क्यों है लाभकारी ? प्रातः एवं सायं भ्रमण उत्तम स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभप्रद है । पशुओं का राजा सिंह सुबह 3.30 से 5 बजे के दौरान अपने बच्चों के साथ उठकर गुफा से बाहर निकल के साफ हवा में भ्रमण कर आसपास की किसी ऊँची टेकरी पर Read more…