गणेश चतुर्थी

शास्त्रों की बातें १००% सत्य उपासक चाहे शैव हो या शाक्त, वैष्णव हो या सौर्य, सबसे पहले पूजन गणपतिजी का ही करते है।घर का वास्तुपूजन हो, दुकान का शुभारंभ होता हो या बही की शुरुआत हो, विद्याध्यन का प्रारंभ हो रहा हो, विवाह हो रहा हो या अन्य कोई मांगलिक Read more…

ऋषि पंचमी

ऋषि ऋण से मुक्त एवं ब्रह्मपरायण होने का अवसरः ऋषि पंचमी भारत ऋषि मुनियों का देश है। इस देश में ऋषियों की जीवन-प्रणाली का और ऋषियों के ज्ञान का अभी भी इतना प्रभाव है कि उनके ज्ञान के अऩुसार जीवन जीने वाले लोग शुद्ध, सात्त्विक, पवित्र व्यवहार में भी सफल Read more…

अपरोक्ष आनंद की अनुभूति : आत्मसाक्षात्कार

अपरोक्ष आनंद की अनुभूति : आत्मसाक्षात्कार जो सभी के दिलों को सत्ता, स्फूर्ति और चेतना देता है, सब तपों और यज्ञों के फल का दाता है, ईश्वरों का भी ईश्वर है उस आत्म-परमात्म देव के साथ एकाकार होने की अनुभूति का नाम है – साक्षात्कार । यह शुद्ध आनंद व Read more…

कार्तिक मास की महिमा

कार्तिक मास की महिमा हरिजागरणं प्रातः स्नानं तुलसिसेवनम्। उद्यापनं दीपदानं व्रतान्येतानि कार्तिके।। ‘रात्रि में भगवान विष्णु के समीप जागरण, प्रातःकाल स्नान करना, तुलसी के सेवा में संलग्न रहना, उद्यापन करना और दीप दान देना – ये कार्तिक मास के पाँच नियम हैं।’ (पद्म पुराण, उ.खंडः 117.3) इन पाँचों नियमों का पालन Read more…

परम लाभ दिलानेवाले पंच पर्वों का पुंज : दीपावली

परम लाभ दिलानेवाले पंच पर्वों का पुंज : दीपावली आर्थिक, सामाजिक, शारीरिक, बौद्धिक लाभ और परम लाभ पहुँचाने की व्यवस्था के उत्सवों का नाम है दीपावली उत्सव, पर्वों का झुमका । धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, नूतन वर्ष, भाईदूज – इन पाँच पर्वों का पुंज है दीपावली पर्व । धनतेरस   Read more…

भाईदूजः भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक

भाईदूजः भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक दीपावली के पर्व का पाँचवाँ दिन । भाईदूज भाइयों की बहनों के लिए एवं बहनों की भाइयों के लिए सद्भावना बढ़ाने का दिन है । हमारा मन एक कल्पवृक्ष है । मन जहाँ से फुरता है, वह चिद्घन चैतन्य सच्चिदानंद परमात्मा सत्यस्वरूप है । Read more…

अमिट पुण्य अर्जित करने का अवसर – पुरुषोत्तम मास

अमिट पुण्य अर्जित करने का अवसर-पुरुषोत्तम मास अधिक मास में सूर्य की सक्रांति (सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) न होने से इसे ‘मल मास’ (मलिन मास) कहा गया है । स्वामीरहित होने से यह मास देव-पितर आदि की पूजा तथा मंगल कर्मों के लिए त्याज्य माना Read more…

चतुर्मास में विशेष पठनीय- पुरुष सूक्त

चतुर्मास में विशेष पठनीय- पुरुष सूक्त जो चतुर्मास में भगवान विष्णु के आगे खड़े होकर ‘पुरुष सूक्त’ का जप करता है, उसकी बुद्धि बढ़ती है। ॐ श्री गुरुभ्यो नमः। हरिः ओम्। सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात। स भूमिँ सर्वतः स्पृत्वाऽत्चतिष्ठद्यशाङ्गुलम्।।1।। जो सहस्रों सिर वाले, सहस्रों नेत्रवाले और सहस्रों चरण वाले विराट Read more…

सफलता हेतु आवश्यक शक्ति-उपासना

सफलता हेतु आवश्यक शक्ति-उपासना जगत में शक्ति के बिना कोई काम सफल नही होता है | चाहे आपका सिद्धांत कितना भी अच्छा हो, आपके विचार कितने हि सुंदर और उच्च हों लेकिन अगर आप शक्तिहीन हैं तो आपके विचारो का कोई मूल्य नही होगा | विचार अच्छा है, सिद्धांत अच्छा Read more…

भारतीय संस्कृति के आधारभूत तथ्य – 1

भारतीय संस्कृति के आधारभूत तथ्य   एक –  एक: परमात्मा। दो – दो: परमात्मा और प्रकृति। दो सूत्र: एकाग्रता, अनासक्ति। दो पक्ष: कृष्ण और शुक्ल पक्ष।   तीन –    तीन गुण: सत्व, रज, तम। त्रिदेव: ब्रह्मा, विष्णु, महेश। त्रिविध नरक द्वार: काम, क्रोध, लोभ। त्रिविध ज्ञान द्वार: श्रद्धा, तत्परता, Read more…