भारतीय मनोविज्ञान कितना यथार्थ
भारतीय मनोविज्ञान कितना यथार्थ आज के बड़े बड़े डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक भारत के ऋषि-मुनियों की ब्रह्मचर्य-विषयक विचारधारा का, उनकी खोज...
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क्या है सफल व महान बनने की कुंजी ?
सफल व महान बनने की कुंजीः संयम हे नौजवानो ! जीवन की नींव है संयम-सदाचार । संयम नहीं तो फिर...
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स्वामी बनो…गुलाम नहीं
हे युवान ! गुलाम नहीं स्वामी बनो मैकाले कहा करता थाः “यदि इस देश को हमेशा के लिए गुलाम बनाना...
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क्या ब्रह्मचर्य पालन सरल है ?
ब्रह्मचर्य का पालन क्यों और कैसे ? वास्तव में ‘ब्रह्मचर्य’ शब्द का अर्थ हैः ‘ब्रह्म के स्वरूप में विचरण करना...
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ब्रह्मचर्य रक्षा मंत्र
ब्रह्मचर्य रक्षा हेतु मंत्र एक कटोरी दूध में निहारते हुए इस मंत्र का इक्कीस बार जप करें । तदपश्चात उस दूध को...
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ब्रह्मचर्य-सहायक प्राणायाम
ब्रह्मचर्य-सहायक प्राणायाम कई लोग ब्रह्मचर्य पालना चाहते हैं और उसके लिए औषधियाँ व दवाइयाँ ले-लेकर थक जाते हैं लेकिन ब्रह्मचर्य...
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हे विद्यार्थियों तुम किस ओर जा रहे हो ?
हे विद्यार्थियों तुम किस ओर जा रहे हो ? कोई भी मनुष्य पूर्ण रूप से पापी नहीं हो सकता ।...
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इसके बिना उन्नति हो ही नहीं सकती
इसके बिना उन्नति हो ही नहीं सकती संयम वह साधना है जिससे शक्तिरूपी सिद्धि सुलभ है । संयम शक्ति का...
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शिक्षा का उद्देश्य
कैसी हो शिक्षा ? बच्चे ही भविष्य के स्रष्टा हैं । वे ही भावी नागरिक हैं । वे ही राष्ट्र...
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कैसे बन सकते हैं उत्तम ?
आप जो भी हों, जानिये कैसे बन सकते हैं उत्तम ? बाल्यावस्था वही उत्तम है जो निरर्थक क्रीडाओं एवं संगदोषवश व्यसन-वासनाओं...
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क्यों जरूरी है संयम का पालन ?
क्यों जरूरी है संयम का पालन ? ऋषि पहले से ही ब्रह्मचर्य से होने वाले लाभों के बारे में बता...
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दिव्य प्रेरणा-प्रकाश क्या है ?
दिव्य प्रेरणा-प्रकाश क्या है ? युवा पीढ़ी में संयम-सदाचार, ब्रह्मचर्य, मातृ-पितृभक्ति, देशभक्ति, ईश्वरभक्ति, कर्तव्यपरायणता आदि सद्गुणों का विकास हो -...
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आत्महत्याः कायरता की पराकाष्ठा
आत्महत्याः कायरता की पराकाष्ठा मृत्यु एक ईश्वरीय वरदान है, फिर भी यदि कोई आत्महत्या करता है तो वह महापाप है...
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समय अभाव का बहाना क्यों ?
आगे से समय अभाव का बहाना न बनाना अपनी आत्मा मस्ती में मस्त रहने वाले एक महात्मा थे । एक...
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ऊँची पढ़ाई या तुच्छ पढ़ाई ?
किसको कहते हैं ऊँची पढ़ाई और तुच्छ पढ़ाई ? जिनके जीवन का लक्ष्य ऊँचा नहीं है वे हलकी इच्छाओं में,...
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देवी–देवताओं के स्वरुप विविध क्यों
देवी-देवताओं के स्वरुप विविध क्यों ? देवी-देवताओं के अलग-अलग रूप व उनकी विविध वेशभूषा उनके विशिष्ट गुण दर्शाते हैं ।...
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