गंगा की महिमा
गंगा की महिमा शास्त्रों ने गाई माँ गंगा की महिमा संत तुलसीदासजी कहते हैं : गंग सकल मुद मंगल...
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अदभुत है गीता ग्रंथ !
अदभुत है गीता ग्रंथ ! अगर विश्व में कोई आश्वासन देने वाला ग्रंथ है तो वह है भगवद्गीता । सारे...
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प्राणशक्तिवर्धक प्रयोग
प्राणशक्तिवर्धक प्रयोग अपनी प्राणशक्ति को बढ़ाने के इच्छुक लोगों को नित्य प्राणशक्तिवर्धक प्रयोग करना चाहिए । परिचयः इससे प्राणशक्ति का अदभुत...
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बुद्धिशक्तिवर्धक – मेधाशक्तिवर्धक प्रयोग
बुद्धिशक्तिवर्धक - मेधाशक्तिवर्धक प्रयोग बुद्धिशक्ति वर्धक प्रयोग लाभ - इसके नियमित अभ्यास से ज्ञानतंतु पुष्ट होते हैं। चोटी के स्थान के...
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सूर्योपासना अर्थात् क्या
सूर्योपासना की आवश्यकता क्यों ? सूर्य एक शक्ति है । भारत में तो सदियों से सूर्य की पूजा होती आ...
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प्राणायाम परिचय व उसके लाभ
जानें प्राणायाम व उसके लाभ प्राणायामप्राणायाम शब्द का अर्थ हैः प्राण+आयाम ।प्राण अर्थात् जीवनशक्ति और आयाम अर्थात नियमन । श्वासोच्छ्वास...
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अनुलोम-विलोम प्राणायाम
अनुलोम-विलोम प्राणायाम इस प्राणायाम में सर्वप्रथम दोनों नथुनों से पूरा श्वास बाहर निकाल दें । इसके बाद दाहिने हाथ के...
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सूर्यनमस्कार क्यों
क्यों करें सूर्य नमस्कार हमारे ऋषियों ने मंत्र और व्यायामसहित एक ऐसी प्रणाली विकसित की है जिसमें सूर्योपासना का समन्वय...
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ऊर्जायी प्राणायाम
ऊर्जायी प्राणायाम इसको करने से हमें विशेष ऊर्जा (शक्ति) मिलती है, इसलिए इसे ऊर्जायी प्राणायाम कहते हैं । विधि - पद्मासन...
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भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम स्मरणशक्ति और बौद्धिक शक्ति बढ़ाने हेतु नित्य भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास चाहिए ।परिचयः स्मरणशक्ति तथा बौद्धिक शक्तियों को विकसित...
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संस्कृति रक्षक प्राणायाम
संस्कृति रक्षक प्राणायाम गहरा श्वास लेकरर ॐकार का जप करें, आखिर में ‘म’ को घंटनाद की नाईं गूँजने दें। ऐसे...
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त्रिबन्ध प्राणायाम
त्रिबन्ध प्राणायाम ध्यान दें- विशेष ध्यान देने की बात है कि मूलबंध (गुदा का संकोचन करना), उड्डीयानबंध (पेट को अंदर की...
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केवली कुम्भक प्राणायाम
केवली कुम्भक प्राणायाम केवल या केवली कुम्भक का अर्थ है रेचक-पूरक बिना ही प्राण का स्थिर हो जाना । जिसको...
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अग्निसार क्रिया
अग्निसार क्रिया अग्नाशय को प्रभावित करने वाली यह योग की प्राचीन क्रिया लुप्त हो गयी थी । घेरण्ड ऋषि पाचन-प्रणालि...
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ब्रह्ममुद्रा
ब्रह्ममुद्रा ब्रह्ममुद्रा योग की लुप्त हुई क्रियाओं में से एक महत्त्वपूर्ण मुद्रा है । ब्रह्मा के तीन मुख और दत्तात्रेय...
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