अथाह सामर्थ्य की धनी- तपस्वी शाण्डिलिनी
अथाह शक्ति की धनीः तपस्विनी शाण्डालिनी शाण्डालिनी का रूप-लावण्य और सौन्दर्य देखकर गालव ऋषि और गरूड़जी मोहित हो गये ।...
Read More
आत्मविद्या की धनी – फुलीबाई
आत्मविद्या की धनीः फुलीबाई यह जोधपुर (राजस्थान) के पास के गाँव की महान नारी फुलीबाई की गाथा है । कहते...
Read More
उत्तम जिज्ञासु – मैत्रेयी
उत्तम जिज्ञासुः मैत्रेयी महर्षि याज्ञवल्क्यजी की दो पत्नियाँ थीः मैत्रेयी और कात्यायनी । मैत्रेयी ज्येष्ठ थी । कात्यायनी की प्रज्ञा...
Read More
दैवी शक्तियों से संपन्न – गुणमंजरी देवी
दैवी शक्तियों से सम्पन्न गुणमंजरी देवी प्रयागराज इलाहाबाद में त्रयोदशी के कुंभ-स्नान का पर्व-दिवस था। कुंभ में कई अखाड़ेवाले, जति-जोगि,...
Read More
नागगंधा बनी महान योगिनी
नागगंधा बनी महान योगिनी सदगुरु इस पृथ्वी पर साक्षात् ईश्वर हैं, सच्चे मित्र एवं परम विश्वसनीय बंधु हैं । वे...
Read More
ब्रह्मज्ञानिनी सुलभा
ब्रम्हज्ञानिनी सुलभा अनेक ब्रम्हवादी जनक की सभाको सुशोभित करते हैं । परंतु अभी भी वादके द्वारा अपने मतकी स्थापना और...
Read More
ब्रह्मज्ञानिनी विदुषी गार्गी
ब्रह्मवादिनी विदुषी गार्गी ब्रह्मवादिनी विदुषी गार्गी का नाम वैदिक साहित्य में अत्यंत विख्यात है । उनका असली नाम क्या था,...
Read More
ब्रह्मज्ञानिनी रोमशा
ब्रह्मवादिनी रोमशा रोमशा बृहस्पतिजी की पुत्री थीं और भावभव्य की धर्मपत्नी । इन्होंने ऋग्वेद संहिता के प्रथम मण्डल के १२६...
Read More
ब्रह्मज्ञानिनी वाक्
ब्रह्मवादिनी वाक् वाक् अभृण ऋषि की कन्या थी । यह प्रसिद्ध ब्रह्मवादिनी थी और इन्होंने भगवती देवी के साथ अभिन्नता...
Read More
ब्रह्मज्ञानिनी सूर्या
ब्रह्मवादिनी सूर्या ऋग्वेद के दशम मण्डल के ८५ वें सूक्त की ४७ ऋचाएँ इनकी हैं । यह सूक्त विवाह-सम्बन्धी हैं...
Read More
विवेक की धनी- कर्मावती
विवेक की धनीः कर्मावती यह कथा सत्यस्वरूप ईश्वर को पाने की तत्परता रखनेवाली, भोग-विलास को तिलांजलि देने वाली, विकारों का...
Read More
शक्ति स्वरुपा माँ आनंदमयी
शक्तिस्वरूपा माँ आनंदमयी संयम में अदभुत सामर्थ्य है । जिसके जीवन में संयम है, जिसके जीवन में ईश्वरोपासना है ।...
Read More
कैसा हो अपना हस्तलेखन ?
कैसा हो अपना हस्तलेखन ? कहते हैं, अपना हस्तलेखन अंतर्मन का दर्पण होता है । उसे सुंदर बनाने के लिए...
Read More
साध्वी सिरमा
साध्वी सिरमा सिंहल देश (वर्तमान श्रीलंका) के एक सदाचारी परिवार में जन्मी हुई कन्या सिरमा में बाल्यकाल से ही भगवदभक्ति...
Read More
भक्तिमती जनाबाई
भक्तिमती जनाबाई भगवान कब, कहाँ और कैसे अपनी लीला प्रकट करके भक्तों की रक्षा करते हैं, यह कहना मुश्किल है...
Read More
मीराबाई की गुरुभक्ति
मीराबाई की गुरुभक्ति भक्तिमती मीराबाई का एक प्रसिद्ध भजन हैःपग घुँघरू बाँध मीरा नाची रे । लोग कहें मीरा भई...
Read More
मुक्ताबाई का सर्वत्र विठ्ठल दर्शन
मुक्ताबाई का सर्वत्र विट्ठल-दर्शन श्रीनिवृत्तिनाथ, ज्ञानेश्वर एवं सोपानदेव की छोटी बहन थी मुक्ताबाई । जन्म से ही चारों सिद्ध योगी,...
Read More
रतनबाई की गुरुभक्ति
रतनबाई की गुरुभक्ति गुजरात के सौराष्ट्र प्रान्त में नरसिंह मेहता नाम के एक उच्चकोटि के महापुरुष हो गये । वे...
Read More
वेणाबाई की गुरुनिष्ठा
वेणाबाई की गुरुनिष्ठा एक बार समर्थ रामदासजी मिरज गाँव (महाराष्ट्र) पधारे । वहाँ उन्होंने किसी विधवा कन्या को तुलसी के...
Read More
संत गवरीबाई का प्रेरणादायी जीवन
संत गवरीबाई का प्रेरणादायी जीवन और वचन संवत् १८१५ में डूँगरपुर (प्राचीन गिरिपुर) गाँव (राज.) में एक कन्या का जन्म...
Read More
0 Comments