सुखमय गृहस्थ-जीवन
गृहस्थ में सुखी रहने के उपाय अपनेवालों से न्याय, दूसरे से उदारता- यह सिद्धांत दिलों को व कुटुम्ब को जोड़कर...
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गृहस्थी का अमृत
गृहस्थी का अमृत ʹस्कन्द पुराणʹ में आया है कि गृहस्थ के घर नौ प्रकार का अमृत सदैव रहना चाहिए, इससे वह...
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गृहस्थ-जीवन का सार
गृहस्थ-जीवन का यही सार है प्रेम का बाप है विश्वास और विश्वास का बाप है सच्चाई । पति-पत्नी को एक-दूसरे...
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गृहस्थ-जीवन के नियम
संसार-व्यवहार कब न करें ? विवाहित दंपत्ति भी संयम-नियम से रहें, ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए रहें । सभी पक्षों...
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गर्भाधान संस्कार क्यों
गर्भाधान संस्कार से उत्तम संतान की प्राप्ति शास्त्रो में गर्भाधान संस्कार की जो विधि जो बताई है उसका प्रायः लोप...
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गर्भाधान के नियम
गर्भाधान के लिए उत्तम समय कौन-सा ? ऋतुकाल की उत्तरोत्तर रात्रियों में गर्भाधान श्रेष्ठ है लेकिन 11वीं व 13 वीं...
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शास्त्रीय दिशानिर्देश
गर्भाधान किसमें ? माता की पाँच तथा पति की सात पीढ़ियों को छोड़कर असगोत्रा अपनी जाति की कन्या के साथ...
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कैसे करें नवजात शिशु का स्वागत
बालक जन्मे तो क्या करें ? बच्चे के जन्मते ही नाभि-छेदन तुरंत नहीं बल्कि 4-5 मिनट के बाद करें ।...
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जन्म कर्म च मे दिव्यं
जन्मदिवस पर क्या करें ? जन्मदिवस के अवसर पर महामृत्युंजय मंत्र का जप करते हुए घी, दूध, शहद और दूर्वा...
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बच्चे बच्चियों को नींद से कैसे जगायें
बच्चे बच्चियों को नींद से उठाने की मधुमय युक्ति बच्चों को यंत्र के बल से मत जगाओ । अलार्म की...
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नवविवाहित दम्पत्ति हेतु
विवाहित युवक-युवतियों के लिए प्रत्येक नवविवाहित युवक-युवती को डॉ. कोवन की ये पंक्तियाँ अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए : ‘नयी...
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क्या है ब्रह्मचर्य ?
ब्रह्मचर्य क्या है ? ब्रह्मचर्य का अर्थ है सभी इन्द्रियों पर काबू पाना । ब्रह्मचर्य में दो बातें होती...
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शरीर का तीसरा उपस्तंभ – ब्रह्मचर्य
शरीर का तीसरा उपस्तंभ - ब्रह्मचर्य ब्रह्मचर्य शरीर का तीसरा उपस्तंभ है । (पहला उपस्तंभ आहार व दूसरा निद्रा है...
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ऐसे गहने हों तो…
ऐसे गहने हों तो हीरे-मोतियों की क्या आवश्यकता ? भक्तिमति मीराबाई की भगवद्भक्ति, साधुसंगति आदि देखकर एक ओर जहाँ उनके...
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जानिये कैसे बनें व्यवहार-कुशल
व्यवहार-कौशल्य सबसे विनयपूर्वक मीठी वाणी से बोलना ।किसीकी चुगली या निंदा नहीं करना ।किसीके सामने किसी भी दुसरे की कही...
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अभिवादन का रहस्य
'हाय-हेलो' से बड़ों का अपमान न करें... हमारी सनातन संस्कृति में माता-पिता तथा गुरूजनों को नित्य चरणस्पर्श करके प्रणाम करने...
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धैर्य – परम मित्र
सत्संग करे सुख-दुःख से पार भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं : सुख वा यदि वा दुःखं स योगी परमो मतः ।...
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यह कैसा मनोरंजन ?
यह कैसा मनोरंजन वर्तमान समय में टी.वी. चैनलों, फिल्मों तथा पत्र-पत्रिकाओं में मनोरंजन के नाम देकर समाज के ऊपर जिसे...
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नौजवान – भारत की शान
अपने नौ-जवानों को बचाने का प्रयास करें हिन्दुस्तान की मिट्टी में ऐसी खासियत है कि यहाँ कोई भगत सिंह हो...
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