विवेक की धनी- कर्मावती

विवेक की धनीः कर्मावती यह कथा सत्यस्वरूप ईश्वर को पाने की तत्परता रखनेवाली, भोग-विलास को तिलांजलि देने वाली, विकारों का दमन और निर्विकार नारायण स्वरुप का दर्शन करने वाली उस बच्ची की है जिसने न केवल अपने को तारा, अपितु अपने पिता राजपुरोहित परशुरामजी का कुल भी तार दिया । Read more…

शक्ति स्वरुपा माँ आनंदमयी

शक्तिस्वरूपा माँ आनंदमयी संयम में अदभुत सामर्थ्य है । जिसके जीवन में संयम है, जिसके जीवन में ईश्वरोपासना है । वह सहज ही में महान हो जाता है । आनंदमयी माँ का जब विवाह हुआ तब उनका व्यक्तित्व अत्यंत आभासंपन्न थी । शादी के बाद उनके पति उन्हें संसार-व्यवहार में Read more…

साध्वी सिरमा

साध्वी सिरमा सिंहल देश (वर्तमान श्रीलंका) के एक सदाचारी परिवार में जन्मी हुई कन्या सिरमा में बाल्यकाल से ही भगवदभक्ति प्रस्फुटित हो चुकी थी । वह जितनी सुन्दर थी, उतनी ही सुशील भी थी । 16 वर्ष की उम्र में उसके माँ-बाप ने एक धनवान परिवार के युवक सुमंगल के Read more…

राजकुमारी मल्लिय बनी तीर्थंकर मल्लियनाथ

राजकुमारी मल्लिका बनी तीर्थंकर मल्लियनाथ जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हो चुके है । उनमें एक राजकन्या भी तीर्थंकर हो गयी जिसका नाम था मल्लियनाथ । राजकुमारी मल्लिका इतनी खूबसरत थी कि कई राजकुमार व राजा उसके साथ ब्याह रचाना चाहते थे लेकिन वह किसी को पसंद नहीं करती Read more…