अथाह शौर्य की धनी – किरण देवी

अथाह शौर्य की धनी: किरण देवी मेवाड़ के सूर्य महाराणा प्रताप के भाई शक्तिसिंह की कन्या का नाम था किरण देवी । वह परम सुन्दरी और सुशीला थी । उसका विवाह बीकानेर नरेश के भाई महाराज पृथ्वीराज से हुआ था । ये वही पृथ्वीराज थे जिनकी कविता ने महाराणा प्रताप Read more…

कर्मनिष्ठ श्यामो

कर्मनिष्ठ श्यामो यतः प्रवृत्तिर्भूतानां येन सर्वमिदं ततम्। स्वकर्मणा तमभ्यर्च्यं सिद्धिं विन्दति मानवः।। ‘जिस परमात्मा से सर्वभूतों की उत्पत्ति हुई है और जिससे यह सर्व जगत व्याप्त है उस परमेश्वर के अपने स्वाभाविक कर्मों द्वारा पूजकर मनुष्य परम सिद्धि को प्राप्त होता है।’ (श्रीमदभगवदगीताः 18.46) अपने स्वाभाविक कर्मरूपी पुष्पों द्वारा सर्वव्यापक Read more…

रुपनगढ़ की राजकुमारी

रूपनगढ़ की राजकुमारी रूपनगढ़ के राजा विक्रमसिंह की बेटी का नाम था चंचला । एक दिन चित्र बेचने वाली एक मुसलमान महिला राजमहल में चित्र लेकर आई और सब को दिखाने लगी । उसके द्वारा दिखाए गए चित्रों में शाहजहाँ अकबर, महाराणा प्रताप आदि के चित्र थे । आखिर में Read more…

वीरांगना सुंदरबाई

वीरांगना सुन्दरबाई आर्यनारियों ने समय-समय पर अपनी वीरता और साहस की कड़ी परीक्षा देकर अपने सतीत्व और स्वाभिमान को सुरक्षित रखा हैं । कायरता मनुष्य की सबसे बड़ी अयोग्यता है । वीरता उसका सबसे बड़ा बल है । क्षत्राणियों की जीवन सहचरी वीरता ही थी ; उनकी चरित्र में से Read more…

वीरांगना झलकारीबाई

वीरांगना झलकारी बाई पुराने जमाने में प्रारम्भ से ही बालक-बालिकाओं में निर्भयता एवं शूरता-वीरता के संस्कार डाले जाते थे लेकिन आज वैसा नहीं है। आज के माता-पिता,दादा-दादी और शिक्षकगण सभी को बच्चों में वीरता और पराक्रम के संस्कार भरने चाहिए ताकि वे छोटी-छोटी समस्याओं में घबरा न जायें,उद्विग्न होकर गलत Read more…

वीरांगना रानी जैतकुंवरी

वीरांगना रानी जैत कुँवरि जैतपुर, जि.महोबा (उ.प्र) के गौरवपूर्ण इतिहास में वीरांगना जैत कुँवरि की कीर्ति आज भी उज्जवल है। जैत कुँवरि बचपन में ही युद्धकला में निपुण हो गयी थी। एक दिन जब वह अपनी व्यूह-रचना से सहेलियों के झुंड को परास्त करने में संलग्न थी, तब राह में Read more…

वीरांगना रानी दुर्गावती

वीरांगना रानी दुर्गावती जब हमें उन राजरानियों की याद आती है जिनकी पोशाक खून से भीगी हैं, जिनके दाहिने हाथ में तलवार शत्रुओं का खून पीने के लिए लपलपा रही है, जो घोड़े पर सवार होकर रण में दानव दलिनी दुर्गा की तरह दानवों के दमन में व्यस्त है । Read more…

वीरांगना हाड़ी रानी

वीरांगना हाडी रानी चितौड़ के सिंहासन पर राणा राजसिंह आसीन थे । बादशाह औरगंजेब ने रूपनगढ़ की राजकन्या से विवाह करना चाहा । राजकुमारी रूपवती चितौड़ के राणा के पास पत्र भेजा कि ‘क्या राजसिंह सिसोदिया कुलभूषण के जीते जी राजहंसिनी का गिद्ध से विवाह होगा ? ‘ राणा सहायता Read more…

संयमी सोनबा

संयमी सोनबा धृति अर्थात् धैर्य के तीन प्रकार हैं – तामसी धृति, राजसी धृति और सात्त्विक धृति । जो पापी, अपराधी, चोर, डकैत होते हैं वे भी धैर्य रख के अपने कर्म को अंजाम देने में सफल हो जाते हैं, यह ʹतामसी धृतिʹ है । जो राजसी व्यक्ति हैं वे Read more…

झांसी की रानी

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई भारतीय नारी ने समग्र विश्व में अपनी एक विशेष पहचान बनायी है । अपने श्रेष्ठ चरित्र, वीरता तथा बुद्धिमत्ता के बल पर उसने मात्र भारत ही नहीं अपितु समस्त नारी जाति को गौरवान्वित किया है । उसका संयम, साहस व वीरता आज भी प्रशंसनीय है । Read more…