नवविवाहित दम्पत्ति हेतु

विवाहित युवक-युवतियों के लिए प्रत्येक नवविवाहित युवक-युवती को डॉ. कोवन की ये पंक्तियाँ अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए : ‘नयी शादी करके पुरुष तथा स्त्री विषय-भोग की दलदल में जा धँसते हैं । विवाह के प्रारम्भ के दिन तो मानो व्यभिचार के दिन होते हैं । उन दिनों उनकी हालत Read more…

क्या है ब्रह्मचर्य ?

ब्रह्मचर्य क्या है ?          ब्रह्मचर्य का अर्थ है सभी इन्द्रियों पर काबू पाना । ब्रह्मचर्य में दो बातें होती हैं : (१) ध्येय उत्तम होना (२) इन्द्रियों एवं मन पर अपना नियंत्रण होना ।          ब्रह्मचर्य में मूल बात यह है कि मन और इन्द्रियों को उचित दिशा में Read more…

शरीर का तीसरा उपस्तंभ – ब्रह्मचर्य

शरीर का तीसरा उपस्तंभ – ब्रह्मचर्य ब्रह्मचर्य शरीर का तीसरा उपस्तंभ है । (पहला उपस्तंभ आहार व दूसरा निद्रा है ।) शरीर, मन, बुद्धि व इन्द्रियो को आहार से पुष्टि, निद्रा, मन, बुद्धि व इऩ्द्रियों को आहार से पुष्टि, निद्रा से विश्रांति व ब्रह्मचर्य से बल की प्राप्ति होती है Read more…

ब्रह्मचर्य पालन के नियम

ब्रह्मचर्य-पालन के नियम ऋषियों का कथन है की ब्रह्मचर्य ब्रह्म-परमात्मा के दर्शन का द्वार है, उसका पालन करना अत्यंत आवश्यक है । इसलिए यहाँ हम ब्रह्मचर्य-पालन के कुछ सरल नियमों एवं उपायों की चर्चा करेंगे : ब्रह्मचर्य तन से अधिक मन पर आधारित है । इसलिए मन को नियंत्रण में रखें Read more…