आर्त भक्त द्रौपदी

आर्त भक्त द्रौपदी ईर्ष्या-द्वेष और अति धन-संग्रह से मनुष्य अशांत होता है । ईर्ष्या-द्वेष की जगह पर क्षमा और सत्प्रवृत्ति का हिस्सा बढ़ा दिया जाय तो कितना अच्छा !दुर्योधन ईर्ष्यालु था, द्वेषी था । उसने तीन महीने तक दुर्वासा ऋषि की भली प्रकार से सेवा की, उनके शिष्यों की भी Read more…

आनंदीबाई की दृढ़ श्रद्धा

आनंदीबाई की दृढ़ श्रद्धा एक पंजाबी महिला का नाम था आनंदीबाई । देखने में तो वह इतनी कुरूप थी कि देखकर लोग डर जायें । उसका विवाह हो गया । विवाह से पूर्व उसके पति ने उसे नहीं देखा था । विवाह के पश्चात् उसकी कुरूपता को देखकर वह उसे Read more…

अद्भुत आभा संपन्न रानी कलावती

‘स्कन्द पुराण’ के ब्रह्मोत्तर खंड में कथा आती है कि ‘काशीनरेश की कन्या कलावती के साथ मथुरा के दाशार्ह नामक राजा का विवाह हुआ । विवाह के बाद राजा ने रानी को अपने पलंग पर बुलाया लेकिन उसने इन्कार कर दिया । तब राजा ने बल प्रयोग की धमकी दी । Read more…

भक्तिदात्री पाँच नारियाँ

‘श्रीमद्‌ भागवत’ में पाँच महान महिलाओं की बात आती है : पहली भक्त महिला है द्रौपदी । द्रौपदी भगवान को बोलती है : “प्रभु ! आपको मेरी सहायता में रहना ही पड़ेगा क्योंकि आप मेरे सखा हों, मेरे संबंधी हों, मेरे स्वामी भी हों और मेरे सर्वस्व हो । मैं Read more…