Devotional women
आर्त भक्त द्रौपदी
आर्त भक्त द्रौपदी ईर्ष्या-द्वेष और अति धन-संग्रह से मनुष्य अशांत होता है । ईर्ष्या-द्वेष की जगह पर क्षमा और सत्प्रवृत्ति का हिस्सा बढ़ा दिया जाय तो कितना अच्छा !दुर्योधन ईर्ष्यालु था, द्वेषी था । उसने तीन महीने तक दुर्वासा ऋषि की भली प्रकार से सेवा की, उनके शिष्यों की भी Read more…



