जब माँ से मिली संत-सेवा की शिक्षा

बालक रविदास को माँ से मिली संत-सेवा की शिक्षा बाल्यकाल में बच्चे को जैसे संस्कार मिल जाते हैं, वह आगे चलकर वैसा ही बनता है। बालक रविदास को उनकी माता करमादेवी ने भगवद्भक्ति के ससंकार दिये। बड़ों का सम्मान करना, महापुरुषों को प्रणाम करना तथा साधु-संतों की सेवा करना परम Read more…

कैसे करें बच्चों में भगवद्भक्ति का सिंचन ?

कैसे करें बच्चों में भगवद्भक्ति का सिंचन ? माता को शिशु का प्रथम गुरु कहा गया है । हमारे सत्शास्त्रों में माता मदालसा को आर्यमाता का आदर्श माना जाता है । उन्होंने अपने पुत्रों को बचपन में वेदांती लोरियाँ सुनाते हुए ब्रह्मज्ञान का अमृत पिलाकर ब्रह्मवेत्ता बना दिया था । Read more…

माँ बनो तो ऐसी…

माँ बनो तो आदर्श माता मदालसा जैसी मदालसा देवी कहती हैं – “एक बार जो मेरे उदर से गुजरा व यदि दूसरी स्त्री के उदर में जाय, मुक्त न होकर दूसरा जन्म ले तो मेरे गर्भधारण को धिक्कार है !” वे जब अपने पुत्रों को पालने में सुलाती थीं, तब उनको आध्यात्मिक Read more…

माँ अंजना का सामर्थ्य

माँ अंजना का सामर्थ्य माँ अंजना ने तप करके हनुमान जैसे पुत्र को पाया था । वे हनुमानजी में बाल्यकाल से ही भगवदभक्ति के संस्कार डाला करती थीं, जिसके फलस्वरूप हनुमानजी में श्रीराम-भक्ति का प्रादुर्भाव हो गया । आगे चलकर वे प्रभु के अनन्य सेवक के रूप में प्रख्यात हुए Read more…

दुर्गादास की वीर जननी

दुर्गादास की वीर जननी सन् 1634 के फरवरी मास की घटना हैः जोधपुर नरेश का सेनापति आसकरण जैसलमेर जिले से गुजर रहा था । जेमल गाँव में उसने देखा कि गाँव के लोग डर के मारे भागदौड़ मचा रहे हैं और पुकार रहे हैं- ‘हाय कष्ट, हाय मुसीबत, बचाओ…. बचाओ….’ Read more…

माँ सुमित्रा जी की अनुपम सीख

माँ सुमित्रा जी की लक्ष्मण जी को अनुपम सीख भगवान श्रीरामचन्द्र जी को 14 वर्ष का वनवास मिला । लक्ष्मण जी ने उनसे कहाः “प्रभु ! मैं भी आपके साथ चलूँगा ।” श्रीराम जी ने कहाः “जाओ, माँ से विदा माँग आओ, उनसे आशीर्वाद ले आओ ।” लक्ष्मण जी ने माँ सुमित्रा को प्रणाम कर Read more…

माता जीजाबाई की युक्ति

माता जीजाबाई ने पुत्र शिवाजी में फूँका अदम्य प्राणबल 17वीं शताब्दी का समय था । हिन्दुस्तान में मुगल शासकों का अत्याचार, लूटमार बढ़ती ही जा रही थी । हिन्दुओं को जबरन मुसलमान बनाया जा रहा था । मुगलों के अतिरिक्त पुर्तगालियों व अंग्रेजों ने भी भारतभूमि में अपने कदम जमाने Read more…

कहाँ से मिले आध्यात्मिक संस्कार

श्री आनंदमयी माँ पर पड़ा माता-पिता के आध्यात्मिक जीवन का प्रभाव श्री आनंदमयी माँ के पिता विपिनबिहारी भट्टाचार्य एवं माता श्रीयुक्ता मोक्षदासुंदरी देवी (विधुमुखी देवी) – दोनों ही ईश्वर-विश्वासी, भक्तहृदय थे । माता जी के जन्म से पहले व बहुत दिनों बाद तक इनकी माँ को सपने में तरह-तरह के Read more…

सर्वगुणसंपन्न माता अँजना

हनुमान जी को माँ अँजना से मिली अनुपम शिक्षा माँ के जीवन और उसकी शिक्षा का बालक पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है । इतिहास इस बात का साक्षी है कि आदर्श माताएँ अपनी संतानों को श्रेष्ठ एवं आदर्श बना देती हैं । पुराण आदि सत्शास्त्रों में ऐसे अनेक उदाहरण Read more…

किसकी सीख

विश्वप्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीशचन्द्र बसु ऐसे ही विश्वप्रसिद्ध जगदीशचन्द्र बसु, जो जीव-विज्ञान और भौतिक विज्ञान के सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक थे, उनकी माँ ने कहाः “बेटा ! संध्या हो गयी है । इस पेड़ की नींद खराब न करो ।” माँ ने सत्संग में सुनी हुई बातें बतायीं । बालक ने बड़े होने पर वैज्ञानिक ढंग से Read more…