marriage life
विवाह का प्रयोजन
विवाह का प्रयोजन हरेक जीव, नर हो या नारी, अनादि काल से वासनाओं से पीड़ित होता आ रहा है । वासना की तुष्टि के लिए वह नये-नये शरीर धारण करता है और रस लेने में प्रयत्नशील रहता है । परंतु इस आनंद-प्राप्ति के प्रयास से ही वह बेचारा अपने Read more…









