गर्भाधान के नियम

गर्भाधान के लिए उत्तम समय कौन-सा ? ऋतुकाल की उत्तरोत्तर रात्रियों में गर्भाधान श्रेष्ठ है लेकिन 11वीं व 13 वीं रात्रि वर्जित है। यदि पुत्र की इच्छा करनी हो तो पत्नी को ऋतुकाल की 4,6,8,10 व 12वीं रात्रि में से किसी एक रात्रि का शुभ मुहूर्त पसंद कर समागम करना Read more…

शास्त्रीय दिशानिर्देश

गर्भाधान किसमें ? माता की पाँच तथा पति की सात पीढ़ियों को छोड़कर असगोत्रा अपनी जाति की कन्या के साथ विवाह करके उसमें शास्त्रमर्यादानुसार गर्भाधान करना चाहिये । अन्यत्र कहीं भी गर्भाधान करने से वर्णसंकर संतान उत्पन्न होती है जो अपने समाज का अहित करके इस लोक में और पित्तरों Read more…

कैसे करें नवजात शिशु का स्वागत

बालक जन्मे तो क्या करें ? बच्चे के जन्मते ही नाभि-छेदन तुरंत नहीं बल्कि 4-5 मिनट के बाद करें । नाभिनाल में रक्त-प्रवाह बंद हो जाने पर नाल काटें। नाल को तुरंत काटने से बच्चे के प्राण भय से अक्रान्त हो जाते हैं, जिससे वह जीवन भर डरपोक बना रहता Read more…

जन्म कर्म च मे दिव्यं

जन्मदिवस पर क्या करें ? जन्मदिवस के अवसर पर महामृत्युंजय मंत्र का जप करते हुए घी, दूध, शहद और दूर्वा घास के मिश्रण की आहुतियाँ डालते हुए हवन करना चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में कितने भी दुःख, कठिनाइयाँ, मुसीबतें हों या आप ग्रहबाधा से पीड़ित हों, उन सभी Read more…

बच्चे बच्चियों को नींद से कैसे जगायें

बच्चे बच्चियों को नींद से उठाने की मधुमय युक्ति बच्चों को यंत्र के बल से मत जगाओ । अलार्म की ध्वनि अथवा ‘ए उठो, उठो, ६ बज गये, ५ बज गये,७ बज गये…’ खटखट करके उठाने से ये बच्चे आपके लिए दुखदायी हो जायेंगे । सुबह बच्चों को उठाओ तो Read more…

ऐसे गहने हों तो…

ऐसे गहने हों तो हीरे-मोतियों की क्या आवश्यकता ? भक्तिमति मीराबाई की भगवद्भक्ति, साधुसंगति आदि देखकर एक ओर जहाँ उनके देवर विक्रमादित्य (महाराजा विक्रम) का क्रोध बढ़ता जा रहा था, वहीं दूसरी ओर मीरा की यश-कीर्ति का विस्तार हो रहा था । मंदिर में महल की डयोढ़ी (दहलीज) पर मीरा Read more…

सच्चे आभूषण

वस्त्रालंकारो से नहीं, चरित्र से पड़ता प्रभाव स्वामी रामतीर्थ जी का विवाह बचपन में ही हो गया था । यद्यपि वे गृहस्थ जीवन के प्रति उदासीन थे फिर भी उन्हें कुछ समय के लिए गृहस्थ जीवन बिताना पड़ा था । उन दिनों में एक बार उनके परिवार में कहीं शादी Read more…