क्रोध से बचें

क्रोध को स्वयं पर हावी क्यों होने देते हो ? एक शिष्य ने अपने गुरु से कहा : “मैं बहुत जल्दी क्रोधित हो जाता हूँ, कृपया मुझे इससे छुटकारा दिलायें ।” गुरु ने कहा : “ये तो बहुत विचित्र बात है ! मुझे क्रोधित होकर दिखाओ ।” “अभी तो मैं Read more…

सच्ची क्षमा

सच्ची क्षमा सन् 1956 के आस-पास की घटना है । एक तहसीलदार थे । उनका गृहस्थ-जीवन बड़ा दुःखमय था क्योंकि उनकी धर्मपत्नी ठीक समय पर भोजन नहीं बना पाती थी, जिस कारण उन्हें कार्यालय पहुँचने में अकसर बहुत देर हो जाती थी । उन्होंने पत्नी को हर तरह से समझाया Read more…

आत्मबल कैसे जगायें ?

आत्मबल कैसे जगायें ?       हररोज प्रातः काल में जल्दी उठकर सूर्योदय से पूर्व स्नान आदि से निवृत्त हो जाओ । स्वच्छ पवित्र स्थान में आसन बिछाकर पूर्वाभिमुख होकर पद्मासन या सुखासन में बैठ जाओ । शांत प्रसन्न वृत्ति धारण करो । मन में दृढ़ भावना करो कि मैं प्रकृति Read more…

अनावश्यक विवाद क्यों ?

उस पर कभी विवाद न करें परमहंस योगानंद जी अपने जीवन का एक संस्मरण बताते हुए कहते हैं – “एक बार मैं अपने एक दलाल मित्र के साथ भारत के संतों की चर्चा कर रहा था । उसने मेरी बातों में कोई उत्साह नहीं दिखाया । उसने कहाः “ये सब Read more…

किसके साथ कैसा व्यवहार ?

किसके साथ कैसा व्यवहार ? आपको व्यवहार काल में अगर भक्ति में सफल होना है तो तीन बातें समझ लोः 1 अपने साथ पुरुषवत् व्यवहार करो । जैसे पुरुष का हृदय अनुशासनवाला, विवेकवाला होता है, ऐसे अपने प्रति तटस्थ व्यवहार करो । कहीं गलती हो गयी तो अपने मन को अनुशासित करो Read more…

पारस्परिक सामंजस्य कैसे बढ़ायें ?

कोई व्यक्ति तुमसे नाराज हो तो क्या करोगे ? कोई व्यक्ति तुमसे नाराज़ है तो तुम मन-ही-मन उस व्यक्ति की परिक्रमा करो और तुम उससे नाराज़ मत होओ । जो तुम पर नाराज़ होता है उसके कोई गुण भी होंगे । हमारी दृष्टि में दोष होता है न, तब दूसरों Read more…

दुर्गुणों को मिटाने में कैसे हों सफल ?

दुर्गुणों को मिटाने में कैसे हों सफल ? एक महिला का लड़का बड़ा चंचल था । वह कहना नहीं मानता था अतः महिला क्रोधी स्वभाव की हो गयी थी । क्रोध से शरीर में जलन होती थी और आगे चलकर चर्मरोग भी हो गया । व्रत के दिन आये तो Read more…

पहले स्वयं को सुधारो

पहले स्वयं को सुधारो शेख सादी फारसी भाषा के बहुत ऊंचे कवि थे । उस समय यह प्रथा थी कि हज की यात्रा में आधी रात को उठकर सब यात्री नमाज पढ़ते थे । यात्रा में सादी और उनके पिता ने रात में उठ के कुछ लोगों के साथ नमाज Read more…

क्या हैं चार सूत्र…

मनोबल बढ़ाने के चार सूत्र नियमः आप अपने जीवन में कोई नियम धारण करेंगे तो आपका मनोबल बढ़ेगा । यह नियम लीजिये कि इतना जप, पाठ, स्वाध्याय, इतनी पूजा किये बिना हम भोजन नहीं करेंगे । जिस दिन नियम करने में देर हो जाय उस दिन थोड़ा कष्ट सहिये, आपका मनोबल Read more…

असम्भव कुछ भी नहीं

संकल्पशक्ति से सब सम्भव संकल्पशक्ति परमात्मा का दिया हुआ एक दिव्य वरदान है, जो सभी मनुष्यों के पास है । उसमें भी युवावस्था, जो ऊर्जा का सर्वोच्च पड़ाव माना जाता है, उसमें यदि इस संकल्पशक्ति का सदुपयोग किया जाय तो कोई ऐसी वस्तु या अवस्था जो प्राप्त न हो सके Read more…