mudra
अपानवायु मुद्रा
अपानवायु मुद्रा विधि – अँगूठे के पास वाली पहली उँगली को अँगूठे के मूल में लगाकर अँगूठे के अग्रभाग की बीच की दोनों उँगलियों के अग्रभाग के साथ मिलाकर सबसे छोटी उँगली (कनिष्ठिका) को अलग से सीधी रखें। इस स्थिति को अपानवायु मुद्रा कहते हैं। अगर किसी को हृदयघात आये या हृदय में अचानक पीड़ा होने Read more…








