Poetries
श्री सद्गुरु-स्तुति
सद्गुरु-स्तुति हे सदगुरु तुम परम हितैषी, तुमसे ही कल्याण हमारा | तुम्हें न पाकर व्यर्थ चला जाता, मानव का जीवन सारा | परम सत्य, हे नित्य युक्त, हे शुद्ध बुद्ध, हे मुक्त महात्मन् | मन दे पाये जो तुमको ही, उसका सफल हुआ मानव तन | देव तुम्हारे दर्शन करके, Read more…









