सती अरून्धती

सती अरून्धती पतिव्रता शिरोमणि अरून्धती का नाम तीनों लोकों में विख्यात है । वे ब्रह्मर्षि वसिष्ठजी की धर्मपत्नी हैं । इनके अनुपम पातिव्रत्य की कहीं भी तुलना नहीं हो सकती । काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मात्सर्य- ये छः दोष जो प्राणिमात्रके स्वाभाविक शत्रु हैं, अरुन्धती देवी की ओर Read more…

सती शतरूपा

सती शतरूपा शतरूपा मानव सर्ग की आदिमाता हैं । वे स्वायम्भूव मनु की पत्नी थीं । मनु और शतरूपा से ही मानव सृष्टि का आरम्भ हुआ । श्रुति भी कहती है- ‘ततो मनुष्या अजायत्त ।’ मनु और शतरूपा दोनों ही ब्रह्माजी के शरीर से उत्पन्न हुए हैं । दक्षिण भाग Read more…

माँ सीता का सतीत्व

माँ सीता का सतीत्व भगवान श्रीराम के वियोग तथा रावण और राक्षसियों के द्वारा किये जानेवाले अत्याचारों के कारण माँ सीता अशोक वाटिका में बड़ी दुःखी थीं । न तो वे भोजन करतीं न ही नींद । दिन-रात केवल श्रीराम-नाम के जप में ही तल्लीन रहतीं । उनका विषादग्रस्त मुखमंडल Read more…

सती सावित्री

सती सावित्री ‘महाभारत’ के वन पर्व में सावित्री और यमराज के वार्तालाप का प्रसंग आता हैः जब यमराज सत्यवान (सावित्री के पति) के प्राणों को अपने पाश में बाँध ले चले, तब सावित्री भी उनके पीछे-पीछे चलने लगी । उसे अपने पीछे आते देखकर यमराज ने उसे वापस लौट जाने के Read more…