That time
सतीत्व का संरक्षण
सतीत्व का संरक्षण कन्या जब यौवनावस्था में प्रवेश कर रही हो तब उसके माता-पिता का पवित्र कर्तव्य हो जाता है कि उसके ये अति संवेदनशील एवं नाजुक काल में उसके चित्त का संरक्षण होता रहे ऐसा वातावरण बनायें । सत्साहित्य के पठन, मनन एवं संतजनों के दर्शन-सत्संग से कार्य स्वाभाविक Read more…


